तुम्हारे लिए क्या कहे शब्द कम पड़ जाते हैं। तुम्हारे लिए क्या कहे शब्द कम पड़ जाते हैं।
कवि और मै कवि और मै दो जिंदगी के छोर है एक सोचता है एक लिखता है क्या कभी मै सोच सकूँगा की क्या कवि क... कवि और मै कवि और मै दो जिंदगी के छोर है एक सोचता है एक लिखता है क्या कभी मै सोच ...
अफसानों से परदा हटा दो प्यार को प्यार से मिला दो, धरती बन जायेगी खूबसूरत खुदा की हो अफसानों से परदा हटा दो प्यार को प्यार से मिला दो, धरती बन जायेगी खूबसूरत ...
अकेला हूँ एक मिलते ही, एक और एक ग्यारह हो जाओंगे अकेला हूँ एक मिलते ही, एक और एक ग्यारह हो जाओंगे
उससे जब रुपए खींचें तो जन्नत जैसे नजर आई। उससे जब रुपए खींचें तो जन्नत जैसे नजर आई।